Singer: Mohd. Rafi
कभी पहले देखा नहीं ये समाँ
ये मैं भूल से आ गया हूँ कहाँ
यहाँ मैं अजनबी हूँ
मैं जो हूँ बस वही हूँ
यहाँ मैं अजनबी हूँ
कहाँ शाम-ओ-सहर ये कहाँ दिन-रात मेरे
बहुत रुसवा हुए हैं यहाँ जज़्बात मेरे
नई तहज़ीब है ये नया है ये ज़माना
मगर मैं आदमी हूँ वही सदियों पुराना
मैं क्या जानूँ ये बातें ज़रा इन्साफ़ करना
मेरी ग़ुस्ताख़ियों को ख़ुदारा माफ़ करना
तेरी बाँहों में देखूँ सनम ग़ैरों की बाँहें
मैं लाऊँगा कहाँ से भला ऐसी निगाहें
ये कोई रक़्स होगा कोई दस्तूर होगा
मुझे दस्तूर ऐसा कहाँ मंज़ूर होगा
भला कैसे ये मेरा लहू हो जाए पानी
मैं कैसे भूल जाऊँ मैं हूँ हिन्दोस्तानी
मुझे भी है शिकायत तुझे भी तो गिला है
यही शिक़वे हमारी मोहब्बत का सिला है
कभी मग़रिब से मशरिक़ मिला है जो मिलेगा
जहाँ का फूल है जो वहीं पे वो खिलेगा
तेरे ऊँचे महल में नहीं मेरा गुज़ारा
मुझे याद आ रहा है वो छोटा सा शिकारा
Sunday, December 19, 2010
आए तुम याद मुझे
Singer: Kishore Kumar
जब मैं रातों में तारे गिनता हूँ
और तेरे कदमों की आहट सुनता हूँ
लगे मुझे हर तारा तेरा दरपन
आए तुम याद मुझे, गाने लगी हर धड़कन
ख़ुशबू लाई पवन, महका चंदन
आए तुम याद मुझे, गाने लगी हर धड़कन
जिस पल नैनों में सपना तेरा आए
उस पल मौसम पर मेंहंदी रच जाए
और तू बन जाए जैसे दुल्हन
आए तुम याद मुझे, गाने लगी हर धड़कन
हर पल मन मेरा मुझसे कहता है
जिसकी धुन में तू खोया रहता है
भर दे फूलों से उसका दामन
आए तुम याद मुझे, गाने लगी हर धड़कन
जब मैं रातों में तारे गिनता हूँ
और तेरे कदमों की आहट सुनता हूँ
लगे मुझे हर तारा तेरा दरपन
आए तुम याद मुझे, गाने लगी हर धड़कन
ख़ुशबू लाई पवन, महका चंदन
आए तुम याद मुझे, गाने लगी हर धड़कन
जिस पल नैनों में सपना तेरा आए
उस पल मौसम पर मेंहंदी रच जाए
और तू बन जाए जैसे दुल्हन
आए तुम याद मुझे, गाने लगी हर धड़कन
हर पल मन मेरा मुझसे कहता है
जिसकी धुन में तू खोया रहता है
भर दे फूलों से उसका दामन
आए तुम याद मुझे, गाने लगी हर धड़कन
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kishore kumar
ज़िक्र होता है जब क़यामत का
Singer: Mukesh
ज़िक्र होता है जब क़यामत का तेरे जलवों की बात होती है
तू जो चाहे तो दिन निकलता है तू जो चाहे तो रात होती है
तुझको देखा है मेरी नज़रों ने तेरी तारीफ़ हो मगर कैसे
के बने ये नज़र ज़ुबाँ कैसे के बने ये ज़ुबाँ नज़र कैसे
ना ज़ुबाँ को दिखाई देता है ना निग़ाहों से बात होती है
तू चली आए मुस्कुराती हुई तो बिखर जाएं हर तरफ़ कलियाँ
तू चली जाए उठ के पहलू से तो उजड़ जाएं फूलों की गलियाँ
जिस तरफ़ होती है नज़र तेरी उस तरफ़ क़ायनात होती है
तू निग़ाहों से ना पिलाए तो अश्क़ भी पीने वाले पीते हैं
वैसे जीने को तो तेरे बिन भी इस ज़माने में लोग जीते हैं
ज़िन्दगी तो उसी को कहते हैं जो बसर तेरे साथ होती है
ज़िक्र होता है जब क़यामत का तेरे जलवों की बात होती है
तू जो चाहे तो दिन निकलता है तू जो चाहे तो रात होती है
तुझको देखा है मेरी नज़रों ने तेरी तारीफ़ हो मगर कैसे
के बने ये नज़र ज़ुबाँ कैसे के बने ये ज़ुबाँ नज़र कैसे
ना ज़ुबाँ को दिखाई देता है ना निग़ाहों से बात होती है
तू चली आए मुस्कुराती हुई तो बिखर जाएं हर तरफ़ कलियाँ
तू चली जाए उठ के पहलू से तो उजड़ जाएं फूलों की गलियाँ
जिस तरफ़ होती है नज़र तेरी उस तरफ़ क़ायनात होती है
तू निग़ाहों से ना पिलाए तो अश्क़ भी पीने वाले पीते हैं
वैसे जीने को तो तेरे बिन भी इस ज़माने में लोग जीते हैं
ज़िन्दगी तो उसी को कहते हैं जो बसर तेरे साथ होती है
ढूँढ़ें तुझको नैन दीवाने आजा आजा रे
Singers: Lata Mangeshkar and Mahendra Kapoor
ढूँढ़ें तुझको नैन दीवाने आजा आजा रे
इन नैनों की प्यास बुझाने आजा आजा रे
ढूँढ़ें तुझको नैन दीवाने आजा आजा रे
इन नैनों की प्यास बुझाने आजा आजा रे
हँसते हँसते आज दीवाने मिलेंगे
तू जब आए फूल हज़ारों खिलेंगे
जाग उठेंगे सब वीराने आजा आजा रे
आजा आजा रे
दिल का है ये हाल तुम्हारी लगन में
जैसे कोई फूल अकेला चमन में
आशाओं के गीत सुनाने आजा आजा रे
ढूँढ़ें तुझको नैन दीवाने आजा आजा रे
इन नैनों की प्यास बुझाने आजा आजा रे
ढूँढ़ें तुझको नैन दीवाने आजा आजा रे
इन नैनों की प्यास बुझाने आजा आजा रे
हँसते हँसते आज दीवाने मिलेंगे
तू जब आए फूल हज़ारों खिलेंगे
जाग उठेंगे सब वीराने आजा आजा रे
आजा आजा रे
दिल का है ये हाल तुम्हारी लगन में
जैसे कोई फूल अकेला चमन में
आशाओं के गीत सुनाने आजा आजा रे
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mahendra kapoor
बूँदें नहीं सितारे टपके हैं कहकशां से
Singer: Mohd. Rafi
बूँदें नहीं सितारे टपके हैं कहकशां से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
मोती के रंग रुत के क़तरे दमक रहे हैं
या रेशमी लटों में जुगनू चमक रहे हैं
आँचल में जैसे बिजली कौंधे यहाँ वहाँ से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
देखे तो कोई आलम भीगे से पैरहन का
पानी में है ये शोला, या नूर है बदन का
अँगड़ाई ले रहे हैं, अरमां जवां जवां से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
पहलू में आके मेरे क्या चीज़ लग रही हो
बाहों के दायरे में तस्वीर लग रही हो
हैरान हूँ के तुमको देखूँ कहाँ कहाँ से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
बूँदें नहीं सितारे टपके हैं कहकशां से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
मोती के रंग रुत के क़तरे दमक रहे हैं
या रेशमी लटों में जुगनू चमक रहे हैं
आँचल में जैसे बिजली कौंधे यहाँ वहाँ से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
देखे तो कोई आलम भीगे से पैरहन का
पानी में है ये शोला, या नूर है बदन का
अँगड़ाई ले रहे हैं, अरमां जवां जवां से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
पहलू में आके मेरे क्या चीज़ लग रही हो
बाहों के दायरे में तस्वीर लग रही हो
हैरान हूँ के तुमको देखूँ कहाँ कहाँ से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
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mohd. rafi
किसी शायर की ग़ज़ल, dream girl
Singer: Kishore Kumar
होंठों पे रंगत है
दिल में मुहब्बत है
क्या जिस्म-ए-औरत है
बस जन्नत ही जन्नत है!
Dream girl, dream girl, dream girl
किसी शायर की ग़ज़ल, dream girl
किसी झील का कंवल, dream girl
कहीं तो मिलेगी, कभी तो मिलेगी
आज नहीं तो कल, dream girl
लिपटी गुलाबों में, सिमटी हिजाबों में
ख़्वाबों में आती है, भीगी शराबों में
पास रहती है वो पल दो पल, कौन?
Dream girl, dream girl
जब देखती है वो, मैं ढूँढ़ लूँगा तो
शबनम, घटा, चांदनी बन जाती है दोस्तों
रंग रूप लेती है वो बदल, कौन?
Dream girl, dream girl
ग़म से बिखर जाऊँ, जी से गुज़र जाऊँ
क्या तेरी मरज़ी है, बिन देखे मर जाऊँ
ओ कभी परदे से बाहर निकल, ए
Dream girl, dream girl
होंठों पे रंगत है
दिल में मुहब्बत है
क्या जिस्म-ए-औरत है
बस जन्नत ही जन्नत है!
Dream girl, dream girl, dream girl
किसी शायर की ग़ज़ल, dream girl
किसी झील का कंवल, dream girl
कहीं तो मिलेगी, कभी तो मिलेगी
आज नहीं तो कल, dream girl
लिपटी गुलाबों में, सिमटी हिजाबों में
ख़्वाबों में आती है, भीगी शराबों में
पास रहती है वो पल दो पल, कौन?
Dream girl, dream girl
जब देखती है वो, मैं ढूँढ़ लूँगा तो
शबनम, घटा, चांदनी बन जाती है दोस्तों
रंग रूप लेती है वो बदल, कौन?
Dream girl, dream girl
ग़म से बिखर जाऊँ, जी से गुज़र जाऊँ
क्या तेरी मरज़ी है, बिन देखे मर जाऊँ
ओ कभी परदे से बाहर निकल, ए
Dream girl, dream girl
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kishore kumar
ऐ फूलों की रानी बहारों की मल्लिका
Singer: Mohd. Rafi
ऐ फूलों की रानी बहारों की मल्लिका
तेरा मुस्कुराना ग़ज़ब हो गया
न दिल होश में है न हम होश में हैं
नज़र का मिलाना ग़ज़ब हो गया
तेरे होंठ क्या हैं गुलाबी कंवल हैं
ये दो पत्तियां प्यार की इक गज़ल हैं
वो नाज़ुक लबों से मुहब्बत की बातें
हमीं को सुनाना ग़ज़ब हो गया
कभी खुल के मिलना कभी ख़ुद झिझकना
कभी रास्तों पर बहकना मचलना
ये पलकों की चिलमन उठाकर गिराना
गिराकर उठाना ग़ज़ब हो गया
फ़िज़ाओं में ठंडक घटा भर जवानी
तेरे गेसुओं की बड़ी मेहरबानी
हर इक पेंच में सैकड़ों मैकदे हैं
तेरा लड़खड़ाना ग़ज़ब हो गया
ऐ फूलों की रानी बहारों की मल्लिका
तेरा मुस्कुराना ग़ज़ब हो गया
न दिल होश में है न हम होश में हैं
नज़र का मिलाना ग़ज़ब हो गया
तेरे होंठ क्या हैं गुलाबी कंवल हैं
ये दो पत्तियां प्यार की इक गज़ल हैं
वो नाज़ुक लबों से मुहब्बत की बातें
हमीं को सुनाना ग़ज़ब हो गया
कभी खुल के मिलना कभी ख़ुद झिझकना
कभी रास्तों पर बहकना मचलना
ये पलकों की चिलमन उठाकर गिराना
गिराकर उठाना ग़ज़ब हो गया
फ़िज़ाओं में ठंडक घटा भर जवानी
तेरे गेसुओं की बड़ी मेहरबानी
हर इक पेंच में सैकड़ों मैकदे हैं
तेरा लड़खड़ाना ग़ज़ब हो गया
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