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Sunday, March 6, 2011

साँझ ढली दिल की लगी थक चली पुकार के

Singers: Asha Bhosle and Manna Dey

साँझ ढली दिल की लगी थक चली पुकार के
आ जा, आ जा, आ भी जा
क्या दूँ तुझे पहले से मैं बैठी हूँ दिल हार के
जा जा, जा जा, जा तू जा

ज़िद पे आ गया है दिल के आज यूँ न लौटना
मेरी सुनो लौट जाओ छोड़ दो ये बचपना
चार दिन की ज़िंदगी में दिन हैं दो बहार के
आ जा, आ जा, आ भी जा

आ आ...
जा जा...

कैसे कहूँ कैसी उलझनों में मेरी जान है
ओ हो हो हा
ना ना न ना
हाँ को ना समझ गये ये प्यार की ज़ुबान है
काटने हैं हमको दिन किसी के इंतज़ार के
जा जा, जा जा, जा तू जा

सुन तो ले के मेरे दिल का तुझसे क्या सवाल है
कुछ न कर सकूँगी मैं इसी का तो मलाल है, जा जा
दिल न तोड़ चाहे बोल दो ही बोल प्यार के
आ जा आ जा, आ भी जा



Sunday, December 12, 2010

प्यार हुआ इक़रार हुआ है

Singers: Lata Mangeshkar and Manna Dey

प्यार हुआ इक़रार हुआ है
प्यार से फिर क्यों डरता है दिल
कहता है दिल रस्ता मुश्किल
मालूम नहीं है कहाँ मंज़िल

कहो कि अपनी प्रीत का गीत ना बदलेगा कभी
तुम भी कहो इस राह का मीत ना बदलेगा कभी
प्यार जो टूटा, साथ जो छूटा, चाँद ना चमकेगा कभी

रातें दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी कहानियाँ
गीत हमारे प्यार के दोहराएंगी जवानियाँ
मैं न रहूँगी, तुम न रहोगे
फिर भी रहेंगी निशानियाँ



Sunday, November 7, 2010

ये रात भीगी-भीगी ये मस्त फ़िज़ाएँ

Singers: Lata Mangeshkar and Manna Dey

ये रात भीगी-भीगी ये मस्त फ़िज़ाएँ
उठा धीरे-धीरे वो चाँद प्यारा-प्यारा
क्यों आग सी लगा के गुमसुम है चाँदनी
सोने भी नहीं देता मौसम का ये इशारा

इठलाती हवा नीलम सा गगन
कलियों पे ये बेहोशी की नमी
ऐसे में भी क्यों बेचैन है दिल
जीवन में न जाने क्या है कमी

जो दिन के उजाले में न मिला
दिल ढूँढे ऐसे सपने को
इस रात की जगमग में डूबी
मैं ढूँढ रही हूँ अपने को

ऐसे में कहीं क्या कोई नहीं
भूले से जो हमको याद करे
इक हल्की सी मुस्कान से जो
सपनों का जहाँ आबाद करे



Saturday, October 23, 2010

चले जा रहे हैं मोहब्बत के मारे

Singer: Manna Dey

चले जा रहे हैं मोहब्बत के मारे
किनारे किनारे, किनारे किनारे

न साहिल की परवाह, न तूफ़ाँ का डर है
न ज़ुल्मों का शिकवा न ग़म का असर है
उम्मीदों के बल पर दिलों के सहारे
चले जा रहे हैं किनारे किनारे

तमन्ना यही है कि लहरों से खेलें
नसीबों की गर्दिश को हँस-हँस के झेलें
उमंगों की राह में बिछाकर सितारे
चले जा रहे हैं किनारे किनारे