Singers: Asha Bhosle and Manna Dey
साँझ ढली दिल की लगी थक चली पुकार के
आ जा, आ जा, आ भी जा
क्या दूँ तुझे पहले से मैं बैठी हूँ दिल हार के
जा जा, जा जा, जा तू जा
ज़िद पे आ गया है दिल के आज यूँ न लौटना
मेरी सुनो लौट जाओ छोड़ दो ये बचपना
चार दिन की ज़िंदगी में दिन हैं दो बहार के
आ जा, आ जा, आ भी जा
आ आ...
जा जा...
कैसे कहूँ कैसी उलझनों में मेरी जान है
ओ हो हो हा
ना ना न ना
हाँ को ना समझ गये ये प्यार की ज़ुबान है
काटने हैं हमको दिन किसी के इंतज़ार के
जा जा, जा जा, जा तू जा
सुन तो ले के मेरे दिल का तुझसे क्या सवाल है
कुछ न कर सकूँगी मैं इसी का तो मलाल है, जा जा
दिल न तोड़ चाहे बोल दो ही बोल प्यार के
आ जा आ जा, आ भी जा
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Sunday, March 6, 2011
Sunday, December 12, 2010
प्यार हुआ इक़रार हुआ है
Singers: Lata Mangeshkar and Manna Dey
प्यार हुआ इक़रार हुआ है
प्यार से फिर क्यों डरता है दिल
कहता है दिल रस्ता मुश्किल
मालूम नहीं है कहाँ मंज़िल
कहो कि अपनी प्रीत का गीत ना बदलेगा कभी
तुम भी कहो इस राह का मीत ना बदलेगा कभी
प्यार जो टूटा, साथ जो छूटा, चाँद ना चमकेगा कभी
रातें दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी कहानियाँ
गीत हमारे प्यार के दोहराएंगी जवानियाँ
मैं न रहूँगी, तुम न रहोगे
फिर भी रहेंगी निशानियाँ
प्यार हुआ इक़रार हुआ है
प्यार से फिर क्यों डरता है दिल
कहता है दिल रस्ता मुश्किल
मालूम नहीं है कहाँ मंज़िल
कहो कि अपनी प्रीत का गीत ना बदलेगा कभी
तुम भी कहो इस राह का मीत ना बदलेगा कभी
प्यार जो टूटा, साथ जो छूटा, चाँद ना चमकेगा कभी
रातें दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी कहानियाँ
गीत हमारे प्यार के दोहराएंगी जवानियाँ
मैं न रहूँगी, तुम न रहोगे
फिर भी रहेंगी निशानियाँ
Labels:
classic duets,
lata mangeshkar,
manna dey
Sunday, November 7, 2010
ये रात भीगी-भीगी ये मस्त फ़िज़ाएँ
Singers: Lata Mangeshkar and Manna Dey
ये रात भीगी-भीगी ये मस्त फ़िज़ाएँ
उठा धीरे-धीरे वो चाँद प्यारा-प्यारा
क्यों आग सी लगा के गुमसुम है चाँदनी
सोने भी नहीं देता मौसम का ये इशारा
इठलाती हवा नीलम सा गगन
कलियों पे ये बेहोशी की नमी
ऐसे में भी क्यों बेचैन है दिल
जीवन में न जाने क्या है कमी
जो दिन के उजाले में न मिला
दिल ढूँढे ऐसे सपने को
इस रात की जगमग में डूबी
मैं ढूँढ रही हूँ अपने को
ऐसे में कहीं क्या कोई नहीं
भूले से जो हमको याद करे
इक हल्की सी मुस्कान से जो
सपनों का जहाँ आबाद करे
ये रात भीगी-भीगी ये मस्त फ़िज़ाएँ
उठा धीरे-धीरे वो चाँद प्यारा-प्यारा
क्यों आग सी लगा के गुमसुम है चाँदनी
सोने भी नहीं देता मौसम का ये इशारा
इठलाती हवा नीलम सा गगन
कलियों पे ये बेहोशी की नमी
ऐसे में भी क्यों बेचैन है दिल
जीवन में न जाने क्या है कमी
जो दिन के उजाले में न मिला
दिल ढूँढे ऐसे सपने को
इस रात की जगमग में डूबी
मैं ढूँढ रही हूँ अपने को
ऐसे में कहीं क्या कोई नहीं
भूले से जो हमको याद करे
इक हल्की सी मुस्कान से जो
सपनों का जहाँ आबाद करे
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classic duets,
lata mangeshkar,
manna dey
Saturday, October 23, 2010
चले जा रहे हैं मोहब्बत के मारे
Singer: Manna Dey
चले जा रहे हैं मोहब्बत के मारे
किनारे किनारे, किनारे किनारे
न साहिल की परवाह, न तूफ़ाँ का डर है
न ज़ुल्मों का शिकवा न ग़म का असर है
उम्मीदों के बल पर दिलों के सहारे
चले जा रहे हैं किनारे किनारे
तमन्ना यही है कि लहरों से खेलें
नसीबों की गर्दिश को हँस-हँस के झेलें
उमंगों की राह में बिछाकर सितारे
चले जा रहे हैं किनारे किनारे
चले जा रहे हैं मोहब्बत के मारे
किनारे किनारे, किनारे किनारे
न साहिल की परवाह, न तूफ़ाँ का डर है
न ज़ुल्मों का शिकवा न ग़म का असर है
उम्मीदों के बल पर दिलों के सहारे
चले जा रहे हैं किनारे किनारे
तमन्ना यही है कि लहरों से खेलें
नसीबों की गर्दिश को हँस-हँस के झेलें
उमंगों की राह में बिछाकर सितारे
चले जा रहे हैं किनारे किनारे
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