Showing posts with label ustad nusrat fateh ali khan. Show all posts
Showing posts with label ustad nusrat fateh ali khan. Show all posts

Saturday, November 20, 2010

कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तेरा ख़याल भी

Singer: Ustad Nusrat Fateh Ali Khan

कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तेरा ख़याल भी
दिल को ख़ुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी

बात वो आधी रात की रात वो पूरे चाँद की
चाँद भी ऐन चेत का उस पे तेरा जमाल भी

सब से नज़र बचा के वो मुझको था ऐसे देखता
एक दफ़ा तो रुक गई गर्दिश-ए-माह-ओ-साल भी

उसको न पा सके थे जब दिल का अजीब हाल था
अब जो पलट के देखते बात थी कुछ मुहाल भी






कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तेरा ख़याल भी
दिल को ख़ुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी

बात वो आधी रात की रात वो पूरे चाँद की
चाँद भी ऐन चेत का उस पे तेरा जमाल भी

सब से नज़र बचा के वो मुझको कुछ ऐसे देखता
एक दफ़ा तो रुक गई गर्दिश-ए-माह-ओ-साल भी

दिल तो चमक सकेगा क्या फिर भी तरश के देख लें
शीशागरान-ए-शहर के हाथ का ये कमाल भी

उसको न पा सके थे जब दिल का अजीब हाल था
अब जो पलट के देखिये बात थी कुछ मुहाल भी

मेरी तलब था एक शख़्स वो जो नहीं मिला तो फिर
हाथ दुआ से यूँ गिरा भूल गया सवाल भी

शाम की नासमझ हवा पूछ रही है इक पता
मौज-ए-हवा-ए-कू-ए-यार कुछ तो मेरा ख़याल भी