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Sunday, October 31, 2010

ए इश्क हमें बरबाद ना कर

Singer: Nayyara Noor

ए इश्क़ हमें बरबाद ना कर, बरबाद ना कर
ए इश्क़ हमें बरबाद ना कर, बरबाद ना कर

ए इश्क़ न छेड़ आके हमें, हम भूले हुओं को याद ना कर
पहेले ही बहुत नाशाद हैं हम, तू और हमें नाशाद ना कर
किस्मत का सितम ही कम नही कुछ, यह ताज़ा सितम ईजाद ना कर
यूं ज़ुल्म ना कर, बेदाद ना कर

रातों को उठ-उठकर रोते हैं, रो रो के दुआएं करतें हैं
आंखों में तसव्वुर, दिल में ख़लिश, सर धुनते हैं आहें भरते हैं
ए इश्क यह कैसे रोग लगा, जीतें हैं ना ज़ालिम मरते हैं
इन ख्वाबों से यूं आज़ाद ना कर

जिस दिन से बंधा है ध्यान तेरा, घबरायें हुए से रहेते हैं
हर वक़्त तसव्वुर कर करके, शरमाये हुए से रेहेते हैं
कुम्हलाये हुए फूलों की तरह, कुम्हलाये हुए से रेहेते हैं
पामाल ना कर, बेदाद ना कर