Singer: Talat Mahmood
ये रात सुहानी रात नहीं, ऐ चाँद-सितारों सो जाओ
ऐ चाँद-सितारों सो जाओ, सो जाओ, सो जाओ
अरमान लुटे दीवाने के, पर टूट गए परवाने के
न मौत मिली न आज़ादी, क़िस्मत में लिखी थी बर्बादी
अब कौन कहे दुनिया को हसीँ, नाकाम बहारों सो जाओ
ऐ चाँद-सितारों सो जाओ, सो जाओ, सो जाओ
ऐ रंजो-अलम से बेगानों, तुम मेरा फसाना क्या जानो
वो चोट लगी है सीने पर, मजबूर हूँ आँसू पीने पर
दिल से न उठे तूफ़ान कहीं, बेताब नज़ारों सो जाओ
ऐ चाँद-सितारों सो जाओ, सो जाओ, सो जाओ
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Saturday, November 20, 2010
Sunday, November 14, 2010
हैं सबसे मधुर वो गीत
Singer: Talat Mahmood
हैं सबसे मधुर वो गीत जिन्हें, हम दर्द के सुर में गाते हैं
हम दर्द के सुर में गाते हैं
जब हद से गुज़र जाती है ख़ुशी, आँसू भी छलकते आते हैं
काँटों में खिले हैं फूल हमारे, रंग भरे अरमानों के
रंग भरे अरमानों के
नादान हैं जो इन काँटों से, दामन को बचाये जाते हैं
जब ग़म का अंधेरा घिर आये, समझो के सवेरा दूर नहीं
समझो के सवेरा दूर नहीं
हर रात का है पग़ाम यही, तारे भी यही दोहराते हैं
पहलू में पराये दर्द बसाके, हँसना हँसाना सीख ज़रा
तू हँसना हँसाना सीख ज़रा
तूफ़ान से कह दे घिर के उठे, हम प्यार के दीप जलाते हैं
हैं सबसे मधुर वो गीत जिन्हें, हम दर्द के सुर में गाते हैं
हम दर्द के सुर में गाते हैं
जब हद से गुज़र जाती है ख़ुशी, आँसू भी छलकते आते हैं
काँटों में खिले हैं फूल हमारे, रंग भरे अरमानों के
रंग भरे अरमानों के
नादान हैं जो इन काँटों से, दामन को बचाये जाते हैं
जब ग़म का अंधेरा घिर आये, समझो के सवेरा दूर नहीं
समझो के सवेरा दूर नहीं
हर रात का है पग़ाम यही, तारे भी यही दोहराते हैं
पहलू में पराये दर्द बसाके, हँसना हँसाना सीख ज़रा
तू हँसना हँसाना सीख ज़रा
तूफ़ान से कह दे घिर के उठे, हम प्यार के दीप जलाते हैं
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classics,
talat mahmood
हम से आया ना गया तुम से बुलाया ना गया
Singer: Talat Mahmood
हम से आया ना गया तुम से बुलाया ना गया
फ़ासला प्यार में दोनों से मिटाया ना गया
वो घड़ी याद है जब तुम से मुलाक़ात हुई
एक इशारा हुआ दो हाथ बढ़े बात हुई
देखते देखते दिन ढल गया और रात हुई
वो समां आज तलक दिल से भुलाया ना गया
क्या ख़बर थी के मिले हैं तो बिछड़ने के लिये
क़िस्मतें अपनी बनाईं हैं बिगड़ने के लिये
प्यार का बाग़ लगाया था उजड़ने के लिये
इस तरह उजड़ा के फिर हम से बसाया ना गया
याद रह जाती है और वक़्त गुज़र जाता है
फूल खिलता भी है और खिल के बिखर जाता है
सब चले जाते हैं कब दर्द-ए-जिगर जाता है
दाग़ जो तूने दिया दिल से मिटाया ना गया
हम से आया ना गया तुम से बुलाया ना गया
फ़ासला प्यार में दोनों से मिटाया ना गया
वो घड़ी याद है जब तुम से मुलाक़ात हुई
एक इशारा हुआ दो हाथ बढ़े बात हुई
देखते देखते दिन ढल गया और रात हुई
वो समां आज तलक दिल से भुलाया ना गया
क्या ख़बर थी के मिले हैं तो बिछड़ने के लिये
क़िस्मतें अपनी बनाईं हैं बिगड़ने के लिये
प्यार का बाग़ लगाया था उजड़ने के लिये
इस तरह उजड़ा के फिर हम से बसाया ना गया
याद रह जाती है और वक़्त गुज़र जाता है
फूल खिलता भी है और खिल के बिखर जाता है
सब चले जाते हैं कब दर्द-ए-जिगर जाता है
दाग़ जो तूने दिया दिल से मिटाया ना गया
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classics,
talat mahmood
Sunday, November 7, 2010
जलते हैं जिसके लिये
Singers: Talat Mahmood
जलते हैं जिसके लिये तेरी आँखों के दिये
ढूँढ लाया हूँ वही गीत मैं तेरे लिये
दर्द बनके जो मेरे दिल में रहा ढल ना सका
जादू बनके तेरी आँखों में रुका चल ना सका
आज लाया हूँ वही गीत मैं तेरे लिये
दिल में रख लेना इसे हाथों से ये छूटे न कहीं
गीत नाज़ुक है मेरा शीशे से भी टूटे न कहीं
गुनगुनाऊंगा यही गीत मैं तेरे लिये
जब तलक ना ये तेरे रस के भरे होंठों से मिले
यूँ ही आवारा फिरेगा ये तेरी ज़ुल्फ़ों के तले
गाये जाऊंगा यही गीत मैं तेरे लिये
जलते हैं जिसके लिये तेरी आँखों के दिये
ढूँढ लाया हूँ वही गीत मैं तेरे लिये
दर्द बनके जो मेरे दिल में रहा ढल ना सका
जादू बनके तेरी आँखों में रुका चल ना सका
आज लाया हूँ वही गीत मैं तेरे लिये
दिल में रख लेना इसे हाथों से ये छूटे न कहीं
गीत नाज़ुक है मेरा शीशे से भी टूटे न कहीं
गुनगुनाऊंगा यही गीत मैं तेरे लिये
जब तलक ना ये तेरे रस के भरे होंठों से मिले
यूँ ही आवारा फिरेगा ये तेरी ज़ुल्फ़ों के तले
गाये जाऊंगा यही गीत मैं तेरे लिये
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talat mahmood
जाएं तो जाएं कहाँ
Singer: Talat Mahmood
जाएं तो जाएं कहाँ
समझेगा कौन यहाँ
दर्द भरे दिल की ज़ुबाँ
जाएं तो जाएं कहाँ
मायूसियों का मजमा है जी में
क्या रह गया है इस ज़िंदगी में
रूह में ग़म दिल में धुआँ
जाएं तो जाएं कहाँ
उनका भी ग़म है, अपना भी ग़म है
अब दिल के बचने की उम्मीद कम है
इक कश्ती, सौ तूफ़ाँ
जाएं तो जाएं कहाँ
जाएं तो जाएं कहाँ
समझेगा कौन यहाँ
दर्द भरे दिल की ज़ुबाँ
जाएं तो जाएं कहाँ
मायूसियों का मजमा है जी में
क्या रह गया है इस ज़िंदगी में
रूह में ग़म दिल में धुआँ
जाएं तो जाएं कहाँ
उनका भी ग़म है, अपना भी ग़म है
अब दिल के बचने की उम्मीद कम है
इक कश्ती, सौ तूफ़ाँ
जाएं तो जाएं कहाँ
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talat mahmood
Sunday, October 31, 2010
तेरी चमकती आँखों के आगे
Singers: Lata Mangeshkar and Talat Mahmood
तेरी चमकती आँखों के आगे ये सितारे कुछ भी नहीं
तू जो बढ़ा दे हाथ ज़रा दुनिया के सहारे कुछ भी नहीं
मान लिया दिलकश हैं बहुत ये रात हसीँ ये चाँद जवाँ
बात जो देखी है तुझ में नज़ारों में वो बात कहाँ
सामने मेरे तू हो अगर दुनिया के नज़ारे कुछ भी नहीं
साथ है मेरे तू जब तक रोशन है जीवन की राहें
क्यूँ हो मुझे मंज़िल का ग़म पतवार हैं जब तेरी बाहें
मांझी है गर तू नैय्या का तूफ़ान के धारे कुछ भी नहीं
बाँध लिया बंधन में तुम्हें बस में कर लिया बहारों को
है ये वो बंधन जो कर दे आज़ाद ग़मों के मारों को
प्यार की तेरे छाँव मिले तो ग़म के शरारे कुछ भी नहीं
तेरी चमकती आँखों के आगे ये सितारे कुछ भी नहीं
तू जो बढ़ा दे हाथ ज़रा दुनिया के सहारे कुछ भी नहीं
मान लिया दिलकश हैं बहुत ये रात हसीँ ये चाँद जवाँ
बात जो देखी है तुझ में नज़ारों में वो बात कहाँ
सामने मेरे तू हो अगर दुनिया के नज़ारे कुछ भी नहीं
साथ है मेरे तू जब तक रोशन है जीवन की राहें
क्यूँ हो मुझे मंज़िल का ग़म पतवार हैं जब तेरी बाहें
मांझी है गर तू नैय्या का तूफ़ान के धारे कुछ भी नहीं
बाँध लिया बंधन में तुम्हें बस में कर लिया बहारों को
है ये वो बंधन जो कर दे आज़ाद ग़मों के मारों को
प्यार की तेरे छाँव मिले तो ग़म के शरारे कुछ भी नहीं
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talat mahmood
ऐ मेरे दिल कहीं और चल
Singer: Talat Mahmood
ऐ मेरे दिल कहीं और चल
ग़म की दुनिया से दिल भर गया
ढूँढ ले अब कोई घर नया
चल जहाँ ग़म के मारे न हों
झूठी आशा के तारे न हों
झूठी आशा के तारे न हों
इन बहारों से क्या फ़ायदा
जिस में दिल की कली जल गई
ज़ख़्म फिर से हरा हो गया
चार आँसू कोई रो दिया
फेर के मुँह कोई चल दिया
फेर के मुँह कोई चल दिया
लुट रहा था किसी का जहाँ
देखती रह गई ये ज़मीं
चुप रहा बेरहम आसमां
ऐ मेरे दिल कहीं और चल
ग़म की दुनिया से दिल भर गया
ढूँढ ले अब कोई घर नया
चल जहाँ ग़म के मारे न हों
झूठी आशा के तारे न हों
झूठी आशा के तारे न हों
इन बहारों से क्या फ़ायदा
जिस में दिल की कली जल गई
ज़ख़्म फिर से हरा हो गया
चार आँसू कोई रो दिया
फेर के मुँह कोई चल दिया
फेर के मुँह कोई चल दिया
लुट रहा था किसी का जहाँ
देखती रह गई ये ज़मीं
चुप रहा बेरहम आसमां
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classics,
talat mahmood
शाम-ए-गम की कसम
Singer: Talat Mahmood
शाम-ए-ग़म की क़सम आज ग़मगीं हैं हम
आ भी जा आ भी जा आज मेरे सनम
शाम-ए-ग़म की क़सम
दिल परेशान है रात वीरान है
देख जा किस तरह आज तनहा हैं हम
शाम-ए-ग़म की क़सम
चैन कैसा जो पहलू में तू ही नहीं
मार डाले न दर्द-ए-जुदाई कहीं
रुत हंसीं है तो क्या चाँदनी है तो क्या
चाँदनी ज़ुल्म है और जुदाई सितम
शाम-ए-ग़म की क़सम
अब तो आजा के अब रात भी सो गई
ज़िन्दगी ग़म के सेहराओं में खो गई
ढूँढती हैं नज़र तू कहाँ हैं मगर
देखते देखते आया आँखों में दम
शाम-ए-ग़म की क़सम
शाम-ए-ग़म की क़सम आज ग़मगीं हैं हम
आ भी जा आ भी जा आज मेरे सनम
शाम-ए-ग़म की क़सम
दिल परेशान है रात वीरान है
देख जा किस तरह आज तनहा हैं हम
शाम-ए-ग़म की क़सम
चैन कैसा जो पहलू में तू ही नहीं
मार डाले न दर्द-ए-जुदाई कहीं
रुत हंसीं है तो क्या चाँदनी है तो क्या
चाँदनी ज़ुल्म है और जुदाई सितम
शाम-ए-ग़म की क़सम
अब तो आजा के अब रात भी सो गई
ज़िन्दगी ग़म के सेहराओं में खो गई
ढूँढती हैं नज़र तू कहाँ हैं मगर
देखते देखते आया आँखों में दम
शाम-ए-ग़म की क़सम
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classics,
talat mahmood
Tuesday, October 26, 2010
आँसू तो नहीं हैं आँखों में
Singer: Talat Mahmood
आँसू तो नहीं हैं आँखों में
पहलू में मगर दिल जलता है, दिल जलता है
बूँदों पे लहू है हसरत का
जिगर पर आरा सा चलता है, दिल जलता है
जाग उठता है जब ग़म क्या कहिये
उस वक़्त का आलम क्या कहिये
उस रात गये धीरे धीरे
जब कोई कलेजा मलता है, दिल जलता है
ऐ दर्द-ए-जिगर ये बात है क्या
ये आख्रिरी अपनी रात है क्या
होती है कसक हर धड़कन में
हर साँस में खंजर चलता है, दिल जलता है
हम हार गये हैं तेरे ग़म से
देखा ही नहीं जाता हमसे
जलता है पतंगा जब कोई
और शम्मा का आँसू ढलता है, दिल जलता है
आँसू तो नहीं हैं आँखों में
पहलू में मगर दिल जलता है, दिल जलता है
बूँदों पे लहू है हसरत का
जिगर पर आरा सा चलता है, दिल जलता है
जाग उठता है जब ग़म क्या कहिये
उस वक़्त का आलम क्या कहिये
उस रात गये धीरे धीरे
जब कोई कलेजा मलता है, दिल जलता है
ऐ दर्द-ए-जिगर ये बात है क्या
ये आख्रिरी अपनी रात है क्या
होती है कसक हर धड़कन में
हर साँस में खंजर चलता है, दिल जलता है
हम हार गये हैं तेरे ग़म से
देखा ही नहीं जाता हमसे
जलता है पतंगा जब कोई
और शम्मा का आँसू ढलता है, दिल जलता है
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