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Monday, December 13, 2010

होंठों से छू लो तुम

Singer: Jagjit Singh

होंठों से छू लो तुम
मेरा गीत अमर कर दो
बन जाओ मीत मेरे
मेरी प्रीत अमर कर दो

न उम्र की सीमा हो
न जन्म का हो बंधन
जब प्यार करे कोई
तो देखे केवल मन
नई रीत चलाकर तुम
ये रीत अमर कर दो

आकाश का सूनापन
मेरे तनहा मन में
पायल छनकाती तुम
आजाओ जीवन में
साँसें देकर अपनी
संगीत अमर कर दो

जग ने छीना मुझसे
मुझे जो भी लगा प्यारा
सब जीता किये मुझसे
मैं हर दम ही हारा
तुम हार के दिल अपना
मेरी जीत अमर कर दो



Sunday, November 21, 2010

हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते

Singer: Jagjit Singh

हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते
वक़्त की शाख़ से लम्हें नहीं तोड़ा करते

जिस की आवाज़ में सिलवट हो निगाहों में शिकन
ऐसी तस्वीर के टुकड़े नहीं जोड़ा करते

शहद जीने का मिला करता है थोड़ा थोड़ा
जाने वालों के लिये दिल नहीं थोड़ा करते

लग के साहिल से जो बहता है उसे बहने दो
ऐसे दरिया का कभी रुख़ नहीं मोड़ा करते



हर घड़ी ख़ुद से उलझना है मुक़द्दर मेरा

Singer: Jagjit Singh

हर घड़ी ख़ुद से उलझना है मुक़द्दर मेरा
मैं ही कश्ती हूँ मुझी में है समंदर मेरा

एक से हो गए मौसमों के चेहरे सारे
मेरी आँखों से कहीं खो गया मंज़र मेरा

किससे पूछूँ कि कहाँ गुम हूँ कई बरसों से
हर जगह ढूँढता फिरता है मुझे घर मेरा



Sunday, October 31, 2010

वो नही मिला तो मलाल क्या

Singer: Jagjit Singh

वो नहीं मिला तो मलाल क्या, जो गुज़र गया सो गुज़र गया
उसे याद करके ना दिल दुखा, जो गुज़र गया सो गुज़र गया

ना गिला किया ना ख़फा हुए, यूँ ही रास्ते में जुदा हुए
ना तू बेवफा ना मैं बेवफा, जो गुज़र गया सो गुज़र गया

तुझे एतबार-ओ-य़कीन नहीं, नहीं दुनिया इतनी बुरी नहीं
ना मलाल कर, मेरे साथ आ, जो गुज़र गया सो गुज़र गया

वो वफाऐं थीं कि जफाऐं थीं, ये ना सोच किस की खताऐं थीं
वो तेरा है, उसको गले लगा, जो गुज़र गया सो गुज़र गया