Singers: Kumar Sanu and Sadhana Sargam
जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए
तुम देना साथ मेरा, ओ हमनवा
ना कोई है, ना कोई था, ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा
तुम देना साथ मेरा, ओ हमनवा
हो चाँदनी जब तक रात, देता है हर कोई साथ
तुम मगर अन्धेरों में, ना छोड़ना मेरा हाथ
वफ़ादारी की वो रस्में, निभाएँगे हम तो कसमें
एक भी साँस ज़िन्दगी की, जब तक हो अपने बस में
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Sunday, November 7, 2010
Wednesday, November 3, 2010
कभी आँसू कभी ख़ुशबू कभी नग़मा बनकर
Singers: Sadhana Sargam and Pankaj Udhas
कभी आँसू कभी ख़ुशबू कभी नग़मा बनकर
हम से हर शाम मिली है तेरा चेहरा बनकर
मेरी जागी हुई रातों को उसी की है तलाश
सो रहा है मेरी आँखों में जो सपना बनकर
रात भी आए तो बुझती नहीं चेहरे की चमक
रूह में फैल गया है वो उजाला बनकर
धूप में खो गया वो हाथ छुड़ाकर राशिद
घर से जो साथ चला था मेरा साया बनकर
कभी आँसू कभी ख़ुशबू कभी नग़मा बनकर
हम से हर शाम मिली है तेरा चेहरा बनकर
मेरी जागी हुई रातों को उसी की है तलाश
सो रहा है मेरी आँखों में जो सपना बनकर
रात भी आए तो बुझती नहीं चेहरे की चमक
रूह में फैल गया है वो उजाला बनकर
धूप में खो गया वो हाथ छुड़ाकर राशिद
घर से जो साथ चला था मेरा साया बनकर
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