Sunday, October 31, 2010

चाँद तनहा है, आस्माँ तनहा

Singer: Meena Kumari

चाँद तनहा है, आस्माँ तनहा
दिल मिला है कहाँ कहाँ तनहा

बुझ गई आस, छुप गया तारा
थरथराता रहा धुआँ तनहा

ज़िंदगी क्या इसी को कहते हैं
जिस्म तनहा है और जाँ तनहा

हमसफ़र कोई ग़र मिले भी कहीं
दोनों चलते रहे तनहा-तनहा

जलती बुझती सी रोशनी के परे
सिमटा-सिमटा सा एक मकां तनहा
राह देखा करेगा सदियों तक
छोड़ जाएंगे ये जहाँ तनहा


अँखियों के झरोखों से, मैने देखा जो सांवरे

Singer: Hemlata

अँखियों के झरोखों से, मैने देखा जो सांवरे
तुम दूर नज़र आए, बड़ी दूर नज़र आए
बंद करके झरोखों को, ज़रा बैठी जो सोचने
मन में तुम्हीं मुस्काए, मन में तुम्हीं मुस्काए

इक मन था मेरे पास वो, अब खोने लगा है
पाकर तुझे, हाय मुझे, कुछ होने लगा है
इक तेरे भरोसे पे, सब बैठी हूँ भूल के
यूँ ही उम्र गुज़र जाए, तेरे साथ गुज़र जाए

जीती हूँ तुम्हें देख के, मरती हूँ तुम्हीं पे
तुम हो जहाँ, साजन मेरी, दुनिया है वहीं पे
दिन रात दुआ माँगे, मेरा मन तेरे वास्ते
कभी अपनी उम्मीदों का, कोई फूल न मुरझाए

मैं जब से तेरे प्यार के, रंगों में रंगी हूँ
जगते हुए सोई रही, नींदों में जगी हूँ
मेरे प्यार भरे सपने, कहीं कोई न छीन ले
मन सोच के घबराए, यही सोच के घबराए


तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है

Singer: Manhar Udhas

तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है
जहाँ भी जाऊँ ये लगता है, तेरी महफ़िल है

ये आसमान ये बादल ये रास्ते ये हवा
हर एक चीज़ है अपनी जगह ठिकाने पे
कई दिनों से शिकायत नहीं ज़माने से
ये ज़िंदगी है सफ़र तू सफ़र की मंज़िल है,
जहाँ भी जाऊँ ये लगता है, तेरी महफ़िल है

हर एक शय है मुहब्बत के नूर से रोशन
ये रोशनी जो ना हो ज़िंदगी अधूरी है
राह-ए-वफ़ा में कोई हमसफ़र ज़रूरी है
ये रास्ता कहीं तनहा कटे तो मुश्किल है
जहाँ भी जाऊँ ये लगता है, तेरी महफ़िल है


शीशा हो या दिल हो

Singer: Lata Mangeshkar

शीशा हो या दिल हो, आखिर
टूट जाता है, टूट जाता है, टूट जाता है
लब तक आते आते हाथों से, सागर
छूट जाता है, छूट जाता है, छूट जाता है

काफी बस अरमान नहीं, कुछ मिलना आसान नहीं
दुनिया की मजबूरी है, फिर तकदीर ज़रूरी है
ये जो दुश्मन है ऐसे, दोनों राज़ी हो कैसे
एक को मनाऊँ तो दूजा
रूठ जाता है, रूठ जाता है, रूठ जाता है

बैठे थे किनारे पे, मौजों के इशारे पे
हम खेलें तूफ़ानों से, इस दिल के अरमानों से
हमको यह मालूम ना था, कोई साथ नहीं देता
मांझी छोड़ जाता है, साहिल
छूट जाता है, छूट जाता है, छूट जाता है

दुनिया एक तमाशा है, आशा और निराशा है
थोड़े फूल है कांटे है, जो तकदीर ने बांटे हैं
अपना अपना हिस्सा है, अपना अपना किस्सा है
कोई लुट जाता है, कोई
लूट जाता है, लूट जाता है, लूट जाता है


क्या खूब लगती हो

Singers: Mukesh and Kanchan

क्या खूब लगती हो बड़ी सुंदर दिखती हो
फिर से कहो कहते रहो अच्छा लगता है
जीवन का हर सपना अब सच्चा लगता है

तारीफ़ करोगे कब तक बोलो कब तक
मेरे सीने में साँस रहेगी जब तक
कब तक मैं रहूँगी मन में हाँ मन में
सूरज होगा जब तक नील गगन में
फिर से कहो कहते रहो अच्छा लगता है
जीवन का हर सपना अब सच्चा लगता है
क्या खूब लगती हो बड़ी सुंदर दिखती हो
तुम प्यार से प्यारी हो तुम जान हमारी हो

खुश हो ना मुझे तुम पाकर मुझे पाकर
प्यासे दिल को आज मिला है सागर
क्या दिल में है और तमन्ना है तमन्ना
हर जीवन में तुम मेरे ही बनना
फिर से कहो कहती रहो अच्छा लगता है
जीवन का हर सपना अब सच्चा लगता है
क्या खूब लगती हो बड़ी सुंदर दिखती हो
तुम प्यार से प्यारे हो तुम जान हमारी हो


जिस गली में तेरा घर न हो बालमा

Singer: Mukesh

जिस गली में तेरा घर न हो बालमा
उस गली से हमें तो गुज़रना नहीं
जो डगर तेरे द्वारे पे जाती न हो
उस डगर पे हमें पांव रखना नहीं

ज़िंदगी में कई रंगरलियाँ सही
हर तरफ़ मुस्कुराती ये कलियाँ सही
खूबसूरत बहारों की गलियाँ सही
जिस चमन में तेरे पग में काँटें चुभें
उस चमन से हमें फूल चुनना नहीं

हाँ ये रसमें ये कसमें सभी तोड़ के
तू चली आ चुनर प्यार की ओढ़ के
या चला जाऊंगा मैं ये जग छोड़ के
जिस जगह याद तेरी सताने लगे
उस जगह एक पल भी ठहरना नहीं


दिन ढल जाये

Singer: Mohd. Rafi

दिन ढल जाये हाय, रात ना जाये
तू तो न आए तेरी, याद सताये

प्यार में जिनके, सब जग छोड़ा और हुए बदनाम
उनके ही हाथों हाल हुआ ये, बैठे हैं दिल को थाम
अपने कभी थे, अब हैं पराये

ऐसी ही रिम-झिम, ऐसी फुहारें, ऐसी ही थी बरसात
खुद से जुदा और जग से पराये, हम दोनों थे साथ
फिर से वो सावन, अब क्यूँ न आये

दिल के मेरे, पास हो इतनी, फिर भी हो कितनी दूर
तुम मुझसे मैं दिल से परेशाँ, दोनों हैं मजबूर
ऐसे में किसको, कौन मनाये